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14 May 2016

संतो को हर वर्ष करना चाहिए सात दिन का विचार कुंभ- प्रधानमंत्री
आनंद मंत्रालय का गठन करेगी मप्र सरकार- मुख्यमंत्री
उज्जैन। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेना ने आज निनौरा-उज्जैन में अंतर्राष्ट्रीय विचार महाकुंभ के समापन सत्र में सिंहस्थ महाकुंभ 2016 में आये सभी अखाड़ों के संतों, महंतों और संत समुदाय के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में 51 सूत्री सिंहस्थ 2016 सार्वभौमिक अमृत संदेश को समाज और विश्व को समर्पित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं दुनिया की बड़ी-बड़ी Universities को कहता हूं कि हमारे इस कुंभ मेले की management को भी एक case study के रूप में study करना चाहिए। हमारे यहां कहा गया है – नर करनी करे तो नारायण हो जाए – और ये हमारे ऋषियों ने मुनियों ने कहा है। क्या कभी उन्होंने ये कहा है कि नर भक्ति करे तो नारायण हो जाए। क्या कभी उन्होंने ये कहा है कि नर कथा करे तो नारायण हो जाए। संतों ने भी कहा हैः नर करनी करे तो नारायण हो जाए और इसीलिए ये 51 अमृत बिन्दु हमारे सामने है। उसका एक संदेश यही है कि नर करनी करे तो नारायण हो जाए। हम एक ऐसे समाज के लोग हैं। जहां विविधताएं भी हैं और कभी-कभी बाहर वाले व्यक्ति को conflict भी नजर आता है। लेकिन दुनिया जो conflict management को लेकर के इतनी सैमिनार कर रही है, लेकिन रास्ते नहीं मिल रहे। हमलोग हैं inherent conflict management का हमें सिखाया गया है। वरना दो extreme हम कभी भी नहीं सोच सकते थे। हम भगवान राम की पूजा करते हैं, जिन्होंने पिता की आज्ञा का पालन किया था। और हम वो लोग हैं, जो प्रहलाद की भी पूजा करते हैं, जिसने पिता की आज्ञा की अवमानना की थी। इतना बड़ा conflict। यहां पर विचार मंथन में एक विषय यह भी रहा – Values, Values कैसे बदलते हैं। आज दुनिया में अगर आप में से किसी को अध्ययन करने का स्वभाव हो तो अध्ययन करके देखिये। दुनिया के समृद्ध-समृद्ध देश जब वो चुनाव के मैदान में जाते हैं, तो वहां के राजनीतिक दल, वहां के राजनेता उनके चुनाव में एक बात बार-बार उल्लेख करते हैं और वो कहते हैं – हम हमारे देश में family values को पुनःप्रस्थापित करेंगे। पूरा विश्व, परिवार संस्था, पारिवारिक जीवन के मूल्य उसका महत्व बहुत अच्छी तरह समझने लगा है। हम उसमें पले बड़े हैं। इसलिये कभी उसमें छोटी सी भी इधर-उधर हो जाता है तो पता नहीं चलता है कि कितना बड़ा नुकसान कर रहे हैं। लेकिन हमारे सामने चुनौती है कि values और values यानी वो विषय नहीं है कि आपकी मान्यता और मेरी मान्यता। जो समय की कसौटी पर कस कर के खरे उतरे हैं, वही तो वैल्यूज़ होते हैं। और इसलिए हर समाज के अपने वैल्यूज़ होते हैं। उन values के प्रति हम जागरूक कैसे हों। इन दिनों मैं देखता हूं। अज्ञान के कारण कहो, या तो inferiority complex के कारण कहो, जब कोई बड़ा संकट आ जाता है, बड़ा विवाद आ जाता है तो हम ज्यादा से ज्यादा ये कह कर भाग जाते हैं कि ये तो हमारी परम्परा है। आज दुनिया इस प्रकार की बातों को मानने के लिए नहीं है। हमने वैज्ञानिक आधार पर अपनी बातों को दुनिया के सामने रखना पड़ेगा। और इसलिये यही तो कुम्भ के काल में ये विचार-विमर्श आवश्यकता है, जो हमारे मूल्यों की, हमारे विचारों की धार निकाल सके। हमने अपने वैश्विक रूप में अपने आप को प्रस्तुत करने के लिए दुनिया को जो भाषा समझती है, उस भाषा में रखने की आदत भी समय की मांग है। मैं सभी अखाड़े के अधिष्ठाओं को, सभी परंपराओं से संत-महात्माओं को मैं आज एक निवेदन करना चाहता हूं, प्रार्थना करना चाहता हूं। क्या यहां से जाने के बाद हम सभी अपनी परंपराओं के अंदर एक सप्ताह का विचार कुंभ हर वर्ष अपने भक्तों के बीच कर सकते हैं क्या। एक सप्ताह ऐसा हो कि जहां धरती की सच्चाइयों के साथ पेड़ क्यों उगाना चाहिए, नदी को स्वच्छ क्यों रखना चाहिए, बेटी को क्यों पढ़ाना चाहिए, नारी का गौरव क्यों करना चाहिए वैज्ञानिक तरीके से और देश भर के विद्वानों को, जिनकी धर्म में आस्था न हो, जो परमात्मा में विश्वास न करता हो, उनको भी बुलाएें।उनके सामने विचार-विमर्श हर परंपरा में साल में एक बार 7 दिन अपने-अपने तरीके से अपने-अपने स्थान पर ज्ञानी-विज्ञानी को बुलाकर के विचार-विमर्श हो तो आप देखिए 3 साल के बाद अगला जब हमारा कुंभ का अवसर आएगा और 12 साल के बाद जो महाकुंभ आता है वो जब आएगा आप देखिए ये हमारी विचार-मंथन की प्रक्रिया इतनी sharpen हुई होगी, दुनिया हमारे विचारों को उठाने के लिए तैयार होगी। पूर्व प्रधानमंत्री श्री लालबहादुर शास्त्री ने देश से सप्ताह में एक दिन उपवास का आग्रह किया और जनता ने उसे करके दिखाया। ऐसा ही एक विषय मैंने जनता के सामने रखा कि रसोई गैस की सब्सिडी छोड़ दें और देश के एक करोड़ से ज्यादा परिवारों ने सब्सिडी छोड़ दी। इससे अगले तीन साल में पाँच करोड़ गरीब परिवारों को धुँए वाले चूल्हे से मुक्ति मिलेगी और जंगल बचेंगे। मैं शिवराज जी को और उनकी पूरी टीम को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं इतने उत्तम योजना के लिए, बीच में प्रकृति ने कसौटी कर दी। अचानक आंधी आई, तूफान सा बारिश आई, कई भक्त जनों को जीवन अपना खोना पड़ा लेकिन कुछ ही घंटों में व्यवस्थाओं को फिर से ठीक कर दी। मैं उन सभी 40 हजार के करीब मध्य प्रदेश सरकार के छोटे-मोटे साथी सेवारत हैं, मैं विशेष रूप से उनको बधाई देना चाहता हूं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए

इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कुंभ की विचार-मंथन की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पिछले दो वर्ष से विश्व की ज्वलंत समस्याओं पर देश-विदेश के विद्वानों और संतों का विचार-मंथन चला। समस्याओं के संभावित समाधान निकाले गये और 51 बिन्दु के अमृत संदेश का उदघोष हुआ। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ की घोषणा के पालन की शुरूआत मध्यप्रदेश से होगी। राज्य सरकार आनंद मंत्रालय का गठन करने जा रही है। इसके माध्यम से प्रसन्न रहने के आध्यात्मिक तरीकों पर विचार किया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या जलवायु परिवर्तन की है। इससे नदियाँ सूख रही हैं। इस दिशा में पहल करते हुए राज्य सरकार नर्मदा और क्षिप्रा नदियों को बचाने का काम शुरू करेगी। संतों की उपस्थिति में देवउठनी ग्यारस से अमरकंटक से नदियों के जन-जागरण का विशाल अभियान शुरू होगा। जन सहयोग से पेड़ लगाने की शुरूआत होगी। किसानों को फलदार पेड़ लगाने के लिये प्रोत्साहित किया जायेगा। जब तक किसानों के खेतों में पेड़ तीन साल के नहीं हो जाते तब तक की अवधि का फसल मुआवजा उन्हें राज्य सरकार देगी। क्षिप्रा के किनारे भी पेड़ लगाने की शुरूआत की जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि खेती की दिशा बदलते हुए सरकार ऋषि खेती को बढ़ावा देगी। सभी विकासखंड में आदर्श कृषि प्रक्षेत्र बनेंगे। प्रदेश को जैविक खेती का प्रदेश बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को सामाजिक आंदोलन बनाने का अभियान निरंतर जारी रहेगा। ऐसे लोगों को स्थानीय चुनाव में भाग लेने से अयोग्य ठहराया जायेगा, जिनके यहाँ शौचालय नहीं है। इसके लिये कानून बनाया जायेगा। जल-संरचनाओं को फिर से जीवित किया जायेगा।उन्होंने कहा कि प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के पाठयक्रम में बदलाव करते हुए नैतिक शिक्षा को शामिल किया जायेगा। गीता, उपनिषद और अन्य धार्मिक ग्रंथों की नैतिक शिक्षाओं को शामिल किया जायेगा। विज्ञापनों में नारी के वस्तु के रूप में प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिये कानून बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि नारी की गरिमा एवं सम्मान समाज का कर्त्तव्य है। लघु और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ घोषणा-पत्र को संयुक्त राष्ट्र संघ एवं सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भेजा जाये।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कार्यक्रम में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कार्यक्रम में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए

कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा, केन्द्रीय इस्पात मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंद गेहलोत, सदगुरू श्री जग्गी वासुदेव, जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास, श्रीलंका के विपक्ष के नेता आर. सम्पंथान, बंगलादेश के सांसद साघन चन्द्र मजूमदार बड़ी संख्या में देश-विदेश से आये विषय-विशेषज्ञ, विचारक और संत समाज उपस्थित थे।

संतों को प्रणाम करते प्रधानमंत्री

संतों को प्रणाम करते प्रधानमंत्री

विचार कुंभ के समापन पर सिंहस्थ का 51 सूत्रीय सार्वभौम संदेश को विश्व को जारी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने निनौरा-उजजैन में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय विचार महाकुंभ के समापन कार्यक्रम में सिंहस्थ के सार्वभौम संदेश को विश्व के लिए जारी किया। इस दौरान श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेना, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय इस्पात और खान मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद्र गहलोत उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने निनौरा-उजजैन में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय विचार महाकुंभ के समापन कार्यक्रम में सिंहस्थ के सार्वभौम संदेश को विश्व के लिए जारी किया। इस दौरान श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेना, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय इस्पात और खान मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद्र गहलोत उपस्थित थे।

उज्जैन। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने निनौरा-उजजैन में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय विचार महाकुंभ के समापन कार्यक्रम में सिंहस्थ के सार्वभौम संदेश को विश्व के लिए जारी किया। इस दौरान श्रीलंका के राष्ट्रपति श्री मैत्रीपाल सिरिसेना, लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय इस्पात और खान मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद्र गहलोत उपस्थित थे। तीन दिवसीय विचार महाकुंभ के समापन पर जारी हुआ सिंहस्थ 2016 के सार्वभौम अमृत संदेश के 51 सूत्र
(1) मनुष्य का अस्तित्व मात्र भौतिक नहीं है। उसके चैतन्य और संवेदन के आयाम अनंत हैं। यह चेतना समस्त चराचर में व्याप्त है। यह सत्य जीवन में मूल्यों का आधारभूत प्रेरक है।

(2) संपूर्ण मानव जाति एक परिवार है। अतः सहयोग और अंतर्निर्भरता के विभिन्न रूपों को अधिकतम प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।

(3) विकास का लक्ष्य सभी के सुख, स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित करना है। जीवन में मूल्य के साथ जीवन के मूल्य का उतना ही सम्मान करना जरूरी है।

(4) शिक्षा में मूल्यों के शिक्षण, व्यवहार एवं विकास का नियमित पाठ्यक्रम शामिल किया जाए, ताकि कम उम्र से ही बच्चों में उनका प्रस्फुटन हो सके। इस पाठ्यक्रम को अन्य विषयों की तरह समान महत्व दिया जाना चाहिए। यह पाठ्यक्रम ऐसे आरंभिक प्लेटफार्म की तरह हो जिसके आस-पास शिक्षा का संपूर्ण पाठ्यक्रम विकसित किया जा सके।

(5) अस्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मकता के स्थान पर सामाजिकता, अंतर्निर्भरता करुणा, मैत्री, दया, विनम्रता, आदर, धैर्य, विश्वास, कृतज्ञता, पारदर्शिता, सहानुभूति और सहयोग जैसे मूल्यों को बढ़ाने के लिए शिक्षा की पद्धतियों में यथोचित परिवर्तन किया जाए।

(6) मूल्यान्वेषण सिर्फ निजी विकास के लिए नहीं बल्कि समाज को एक व्यवस्था देने, संबंधों को संतुलित करने और जीवन प्रतिमानों का निर्माण करने के लिए जरूरी है।

(7) शुचिता, पारदर्शिता और जवाबदेही सार्वजनिक जीवन की कसौटी होना चाहिए।

(8) सत्य तक पहुँचने के अनेक मार्ग हैं, किन्तु सत्य एक ही है। विविधता में एकता स्थापित करने के लिए यह समझ अत्यन्त महत्वपूर्ण है।

(9) सर्वधर्म समादर की भावना विकसित करने के लिये शिक्षा में उपयुक्त पाठ्यक्रम सम्मिलित किये जायें।

(10) सृष्टि एक ही चेतना का विस्तार है और मानव उसी का अंश है। अतः समस्त जीवों के प्रति दया, प्रेम व करुणा आधारित व्यवस्थाएँ निर्मित की जानी चाहिए। धर्म मनुष्य की आत्मोन्नति का मार्ग तथा मानव-कल्याण का साधन है। धर्म जहाँ हमें प्रेम, सहयोग, सामन्जस्य के पाठ के माध्यम से एक सूत्र में बाँधता है, वहीं विस्तारवादी उद्देश्यों के लिए किये गये उसके दुरुपयोग से विश्वबंधुता का हनन होता है।

(11) धर्म यह सीख देता है कि जो स्वयं को अच्छा न लगे, वह दूसरों के लिए भी नहीं करना चाहिए। जियो और जीने दो का विचार हमारे सामाजिक व्यवहार का मार्गदर्शी सिद्धांत होना चाहिए।

(12) धर्म जोड़ने वाली शक्ति है। अतः धर्म के नाम पर की जा रही सभी प्रकार की हिंसा का विरोध विश्व भर के समस्त धर्मों, पंथों, संप्रदायों और विश्वास-पद्धतियों के प्रमुखों द्वारा किया जाना चाहिए।

(13) पृथ्वी पर पर्यावरणीय संकट का समाधान सिर्फ प्रकृति के साथ आत्मीयता से प्राप्त होगा।

(14) देशज ज्ञान के विविध क्षेत्रों, जैसे कृषि, वानिकी, पारंपरिक चिकित्सा, जैव विविधता संरक्षण, संसाधन प्रबंधन और प्राकृतिक आपदा में महत्वपूर्ण सूचना स्त्रोत के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए।

(15) पारिस्थितिकी की रक्षा के लिए अत्यधिक उपभोक्तावाद पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है। प्राकृतिक संसाधनों के अविवेकपूर्ण शोषण ने अनेक प्राकृतिक विपदाओं को जन्म दिया है। इसका संज्ञान लेते हुए ऐसी जीवन शैली एवं अर्थ-व्यवस्थाओं को विकसित करें जिनसे प्रकृति का पोषण हो।

(16) विश्व में व्याप्त भीषण जल-संकट से जीवन संकट में है। जल-संवर्धन की तकनीकों और प्रणालियों को प्रोत्साहित करने और पृथ्वी की जल-संभरता को क्षति पहुँचाने वाली प्रक्रियाओं को रोकने के कदम तत्काल उठाए जाएं।

(17) प्राचीन सभ्यता और संस्कृति वाले सामाजिक समूहों ने प्रकृति से नैसर्गिक संबंध स्थापित करने के रीति-रिवाज एवं कलाओं का विकास किया है। ऐसे मानवीय व्यवहार एवं जीवन शैली का वैज्ञानिक आधार समझकर आधुनिक जीवन में उनका अनुसरण आवश्यकतानुसार करना चाहिए।

(18) भावी पीढ़ियों के प्रति अपने दायित्वों के जवाबदेह निर्वहन के लिए यह आवश्यक है कि नीतियाँ प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के भाव से प्रेरित हों। पृथ्वी पर हरित आवरण में आ रही कमी गंभीर चिंता एवं चिंतन का विषय है। अतः पौध रोपण एवं धरती के भीतर के रूट स्टॉक के पुनर्जीवन के लिए वृहद रूप से काम किया जाना चाहिए।

(19) विज्ञान और अध्यात्म एक दूसरे के पूरक हैं। प्रकृति के भौतिक रहस्यों को जानने के लिए विज्ञान और आंतरिक रहस्यों को समझने के लिए अध्यात्म की आवश्यकता है। विज्ञान और अध्यात्म के संबंधों का संस्थागत रूप से अध्ययन आवश्यक है।

(20) मनुष्य के अनुभव भौतिक के साथ-साथ आध्यात्मिक स्तर पर भी होते हैं।भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए समृद्धि अनिवार्य है, परन्तु ऐसी समृद्धि आध्यात्मिक अनुभव के बिना संतुलित जीवन का आधार नहीं बन सकती।

(21) विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी में जो संबंध है वही संबंध आध्यात्मिक उन्नति का योग एवं ध्यान के साथ है। उत्कृष्ट समाज की रचना मानव जीवन में उस व्यापक दृष्टिकोण को लाने से संभव है, जो योग के माध्यम से प्राप्त होता है।

(22) अध्यात्म की विषय-वस्तु को पाठ्यक्रमों में सरल स्वरूप में सम्मिलित करना चाहिए। विषयों के भौतिक ज्ञान के अतिरिक्त उनमें निहित प्राकृतिक नियमों एवं नैसर्गिकता की जानकारी विद्यार्थियों के मानसिक परिपक्वता का साधन बनेगी।

(23) प्रकृति के नियमों के विरुद्ध जीवन यापन करने की वर्तमान जीवन शैली से शारीरिक एवं मानसिक व्याधियों में तीव्र गति से वृद्धि हुई है।इन्हें दूर करने के लिए योग एवं आयुर्वेद की प्रणालियों एवं प्रभावों के विषय को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान से जोड़ने संबंधी शोध को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। इससे आनंदपूर्ण जीवन के मूलभूत सिद्धांत आसानी से समझ में आ सकेंगे।

(24) स्वच्छता की किसी भी रणनीति में विभिन्न विश्वास प्रणालियों में मौजूद आंतरिक पवित्रता और बाह्य शुद्धता के प्रासंगिक सिद्धांतों का लाभ लिया जाना चाहिए। स्वच्छता को प्रशासित गतिविधि की जगह सामाजिक मूल्य के रूप में पुनर्स्थापित किया जाना चाहिए।

(25) स्वच्छता की रणनीति को मात्र व्यक्ति की आर्थिक स्थिति से जोड़कर विकसित नहीं किया जाना चाहिए।

(26) ‘वेस्ट‘को संसाधन की दृष्टि से देखने से भी स्वच्छता बढ़ाई जा सकती है। फसल-उर्वरीकरण में वेस्ट की भूमिका टिकाऊ कृषि की पारंपरिक प्रथाओं में शामिल रही है।

(27) नदियों का संकट सिर्फ प्रदूषण तक सीमित नहीं बल्कि अस्तित्व से जुड़ा है। नदियों का लुप्त होना इस ग्रह की पारिस्थितिकी की स्थिरता के लिए चुनौती है। नदियों के पुनर्जीवन के प्रयासों को सघन और उनके अंतर्राष्ट्रीय अनुभवों को साझा किया जाए।

(28) अनियोजित शहरीकरण ने नदियों को ड्रेनेज के रूप में इस्तेमाल किया है। नागरिकों में सरिता-संवेदनशीलता को बढ़ाने के अलावा शहरी नियोजन में उनके संरक्षण के प्रभावी प्रावधान किए जाने चाहिए।

(29) नारी के द्वारा किए जा रहे गृह कार्य का मूल्य घर के बाहर किए जाने वाले व्यवसायिक कार्य के तुल्य है। उसके गृह कार्य को सकल घरेलू उत्पाद में शामिल करने की प्रविधियाँ विकसित की जाएं।

(30) स्त्री को विज्ञापनों में वस्तु की तरह प्रस्तुत करना कानूनन निषिद्ध किया जाए।

(31) प्रत्येक स्तर पर नारी-समकक्षता-सूचकांक विकसित कर उसके आधार पर समीक्षा के मानक तय किये जाएं।

(32) समान कार्य के लिए समान वेतन का सिद्धांत स्त्री रोजगार के सिलसिले में अपनाया जाए। इसके लिए नियोक्ता की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उनसे विमर्श का एक अभियान शुरू किया जाए।

(33) सभी परामर्शदात्री, नियामक,निगरानी तथा अन्य निकायों में स्त्रियों को समान रूप से प्रतिनिधित्व दिया जाये। समानता निष्पक्षता से प्राप्त नहीं की जा सकती, यह सकारात्मक हस्तक्षेप के बिना संभव नहीं है।

(34) नारी की मानवीय प्रतिष्ठा और गरिमा सार्वभौम रूप से स्वीकार्य होनी चाहिए तथा यह शासकीय नीतियों तथा योजनाओं में परिलक्षित होनी चाहिए।

(35) विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी को नारी के विरुद्ध इस्तेमाल करने के सभी संभावित तरीकों पर प्रभावी रोक होना चाहिए।

(36) महिलाओं की समस्याओं का समाधान करते समय उनके संपूर्ण जीवन-चक्र को दृष्टि में रखना आवश्यक है। संतान के सृजन और पालन के दायित्व को ध्यान में रखकर उनके पोषण, आहार, प्रजनन और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

(37) महिलाओं के प्रतिनिधित्व और आरक्षण संबंधी प्रावधानों का लाभ लोकतंत्र के सभी स्तरों पर संविधिक रूप से मिलना चाहिए।

(38) घरेलू महिलाओं के दैनंदिन जीवन क्रम को सुविधायुक्त बनाने के लिए सुसंगत अधोसंरचना में निवेश आवश्यक है ताकि वह अन्य उत्पादक कार्यों में अधिक भागीदारी कर सके।

(39) २०वीं शताब्दी से विकसित की जा रही कृषि प्रौद्योगिकियों से प्राथमिक क्षेत्र में अत्यधिक ग्रीन हाऊस गैस का उत्सर्जन होना चिन्ताजनक है। इस समस्या का समाधान आवश्यक है।

(40) भू-जल-स्तर का गिरना, मिट्टी का क्षरण और उसकी सहज उर्वरा शक्ति का नाश, रासायनिक प्रदूषण होना कृषि में अमृत-दृष्टि के अभाव का प्रतीक है। कृषि के प्रति ऐसी दृष्टि विकसित करने की आवश्यकता है, जो उसकी पुनर्रुत्पादकता को पोषित कर सके।

(41) किसानों की बीज-स्वायत्तता उनका मौलिक और अनुलंघनीय अधिकार है। इस अधिकार की सुरक्षा जैव-विविधता की भी रक्षा है।

(42) देशज गौ-वंश के संरक्षण को उसके पर्यावरण पर होने वाले सकारात्मक प्रभाव की दृष्टि से देखा जाना चाहिए।

(43) संवहनीय कृषि के लिये आधुनिक नीतियों के पुनरीक्षण की आवश्यकता है। कृषि की सुस्थिरता के लिए व्यापक वृक्षायुर्वेद, अग्निहोत्र कृषि, वैदिक खेती, सहज कृषि, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती जैसे विकल्पों की संभावनाओं पर प्राथमिकता से शोध किया जाना आवश्यक है।

(44) सभी हितधारकों को संयुक्त रूप से कृषि की बाजार निर्भरता और ऋणोन्मुख प्रकृति के विकल्प ढूंढने की पहल करना होगी।प्राकृतिक हरित खादों का अधिक प्रयोग कृषि को सुस्थिर बनाता है। पंचगव्य, जीवामृत, मटका खाद जैसी अतिरिक्त सहज तकनीकों से बेहतर परिणाम प्राप्त किये जा सकते हैं। अजैविक आदानों की तुलना में जैविक आदानों को राजकोषीय सहायता, ऋण एवं बाजार-समर्थन में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

(45) ऐसी पद्धतियों और कृषि आदान को हतोत्साहित करना चाहिए जो मिट्टी के स्वास्थ्य, पशुओं और वनस्पति के स्वास्थ्य,जल संतुलन और पर्या-प्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।

(46) शून्य बजट खेती की अवधारणा को लोकप्रिय करने की जरूरत है ताकि न्यूनतम लागत से अधिकतम लाभ अर्जित किया जा सके।

(47) पूंजी का अधिकतम लोगों में अधिकतम प्रसार ही आर्थिक प्रजातंत्र है। कुटीर उद्योगों को आर्थिक एवं सामाजिक प्रजातंत्र के महत्वपूर्ण अंश की तरह देखा जाना चाहिए।

(48) ऐसी औद्योगिकता को प्रोत्साहित किया जाए, जिसमें कुटीर उद्योगों के वैविध्य का सम्मान हो और वे किसी असमान प्रतिस्पर्धा में खड़े न हों। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संगठनों से उनके संरक्षण तथा संवर्द्धन की सचेत कोशिशों का आग्रह किया जाना चाहिए।

(49) कुटीर उद्योग मास प्रोडक्शन के स्थान पर प्रोडक्शन बाय मासेस के सिद्धांत को क्रियान्वित करने का प्रबल साधन है। इसके माध्यम से समावेशित विकास के लक्ष्य को प्राप्त किया जाना संभव है।

(50) कुटीर उद्योगों के छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए ई-तकनीक पर आधारित मार्केटिंग नेटवर्क विकसित किये जाएं ताकि उनका उत्पाद विश्व भर के उपभोक्ताओं को उपलब्ध हो सकें।

(51) शिल्पी दिहाड़ी मजदूर के रूप में परिवर्तित होते जा रहे हैं। वह मात्र उद्यमी नहीं, बल्कि सृजनधर्मी कलाकार है। देशज संस्कृति के संवर्धन में उनके योगदान को समाज में आदर मिलना चाहिए।

इस विचार महाकुंभ का विनम्र आग्रह है कि पृथ्वी पर सम्यक और संतुलित जीवन के लिए इस संदेश में निहित मूल्यों और सिद्धातों को हर समुदाय अपने परिवेश और प्रासंगिकता के अनुरूप क्रियान्वित करने का उपक्रम करें।

11 may 2016

बच्चे, बूड़े और जवान सब लगा रहे सिंहस्थ में डुबकी।

नन्हे बच्चों की डुबकी

नन्हे बच्चों की डुबकी

नन्हे बच्चों की डुबकी

नन्हे बच्चों की डुबकी

डुबकी लगाती युवतियां

डुबकी लगाती युवतियां

03 May 2016

सिंहस्थ में साधुओं के अदभुत रंग

झूले वाले बाबा

झूले वाले बाबा

मूछों वाले बाबा

मूछों वाले बाबा

बाबाओं का सेल्फी फीवर

बाबाओं का सेल्फी फीवर

शौचालय क्रांति लाने के लिये सभी धर्म एकजुट
सिंहस्थ में लिया स्वच्छता क्रांति का संकल्प
देवेंद्र दुबे(उज्जैन)। सिंहस्थ महाकुंभ में पहली बार एतिहासिक पहल की गई। सभी धर्मों के प्रमुख धर्मगुरु खुले में शौच के खिलाफ शौचालय क्रांति का संकल्प लेने एकत्रित हुए। सिंहस्थ में मंगलवार को सर्वधर्म स्वच्छता संकल्प, इंटरफैथ लीडर्स मीट का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हिंदु, मुस्लिम, सिख, इसाई, बौद्ध धर्म के प्रमुख धर्मगुरु उपस्थित थे।
कार्यक्रम के आयोजक स्वामी चिदानंद सरस्वती जी ने कहा कि अब नए संकल्प लेने का समय आ गया है। हम स्वच्छता के संकल्प के साथ इस दुनिया को बदल सकते हैं।
जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंदजी ने कहा कि जल जीवन की बुनियादी आवश्यकता है। दुनिया में केवल 0.75 प्रतिशत जल ही पीने योग्य बचा है। हर धर्म में पानी का सम्मान किया जाता है। इसलिये इसकी स्वच्छता संकल्प जरुरी है।
प्रख्यात सुन्नी नेता इमाम उमर इलियासी, अध्यक्ष, आल इंडिया इमाम आर्गनाईजेशन ने कहा कि इस्लाम में पाकिजगी का अत्यंत महत्व है। वे स्वच्छता के इस संदेश के लिये देश भर के इमामों के एक जुट करेंगे।
प्रमुख शिया नेता मौलाना डा. सईद कल्बे सादिक ने कहा आज से इस स्वप्न को पूरा करने में हम सब जुट जाएें। इस संकल्प को दिल से होना चाहिए और हमारे कार्य इसे हकीकत में बदलने वाले होना चाहिए।
जैन मुनि आचार्य लोकेश मुनि ने कहा कि अस्वच्छता प्रतिदिन सैकड़ों मासूमों की मौत का कारण बनती है। इसलिये अब बदलाव लाना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होने देहदान का भी संकल्प लिया।
कार्यक्रम का आयोजन ग्लोबल इंडर फैथ वाश अलायंस(जीवा) और यूनीसेफ ने किया। कार्यक्रम में अकाल तख्त के प्रमुख जत्थेदार ज्ञानी गुरुचरण सिंह जी, फादर साहिल टीएनटी, वेन भीक्खू संघसेना
बिशप सेबस्टिन बडाकल इत्यादि धर्मगुरु उपस्थित थे।

सभी धर्मगुरुओं ने लिया स्वच्छता का संपल्प

सभी धर्मगुरुओं ने लिया स्वच्छता का संपल्प

कार्यक्रम में बोलते महामंडलेश्वर स्वामी अवधेषानंद जी

कार्यक्रम में बोलते महामंडलेश्वर स्वामी अवधेषानंद जी

संकल्प पर चर्चा करते धर्मगुरु

संकल्प पर चर्चा करते धर्मगुरु

छोटे से ग्लोब को स्वच्छ जल से स्नान कराते धर्मगुरु

छोटे से ग्लोब को स्वच्छ जल से स्नान कराते धर्मगुरु

18 April 2016

अनूठे, अनोखे तपस्वियों का मेला, 22 अप्रेल को शाही स्नान के साथ होगा शुरु।

भोपाल(तुसं)। हिंदुओं के महाकुंभ सिंहस्थ की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 22 अप्रेल को संतों के शाही स्नान के साथ शुरु होने वाला यह महाकुंभ 21 मई तक चलेगा। क्षिप्रा के जल में डुबकी लगाने के लिये पूरे देश से साधुओं के दल उज्जैन पहुंच रहे हैं।
हिंदुओं के लिये महाकुभ का अत्यधिक महत्व है। हिंदु धर्म के अनुसार जब गुरु सिंह राशि में आता है तो सिंहस्थ होता है। भगवान विष्णु जब अमृत कुंभ लेकर जा रहे थे तो चार स्थानों पर कुछ बूंदें गिरीं थी। इनमें से एक स्थान उज्जैन है। इसीलिये यहां हर 12 वर्ष में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होता है। उज्जैन में सिंहस्थ की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। कई अखाड़ों की पेशवाई भी हो चुकी है। देश विदेश के हजारों साधु-संत सिंहस्थ में पहुंच चुके हैं। संतों का आशीर्वाद पाने के लिये भक्तों की भी भीड़ लगनी शुरु हो गई है।

किन्नर अखाड़े में आए किन्नर साधू। 21 अप्रेल को इनकी पेशवाई होगी।

किन्नर अखाड़े में आए किन्नर साधू। 21 अप्रेल को इनकी पेशवाई होगी।

 

किन्नर अखाड़े में आए किन्नर साधू। 21 अप्रेल को इनकी पेशवाई होगी।

किन्नर अखाड़े में आए किन्नर साधू। 21 अप्रेल को इनकी पेशवाई होगी।

स्नान के लिये तैयार हैं क्षिप्रा घाट।

स्नान के लिये तैयार हैं क्षिप्रा घाट।

अनूठे नागा साधुओं के दर्शन के लिये उमड़ी भीड़।

अनूठे नागा साधुओं के दर्शन के लिये उमड़ी भीड़।

जटाधारी झूले वाले बाबा।

जटाधारी झूले वाले बाबा।

एक हाथ उपर बांधकर उर्ध्व आसन कर रहे हठयोगी।

एक हाथ उपर बांधकर उर्ध्व आसन कर रहे हठयोगी।

11 किलो सोना पहनकर भक्तों को आशीर्वाद देते गोल्डन बाबा।

11 किलो सोना पहनकर भक्तों को आशीर्वाद देते गोल्डन बाबा।

जम्मू कश्मीर से आई एक जर्मन साध्वी।

जम्मू कश्मीर से आई एक जर्मन साध्वी।

जनकल्याण के लिये सात वर्षों तक झूले पर जीवन बिताने का संकल्प लिये हुए एक नागा बाबा।

जनकल्याण के लिये सात वर्षों तक झूले पर जीवन बिताने का संकल्प लिये हुए एक नागा बाबा।

कुरुक्षेत्र से आए एक बाबा अपने साथ अपने आश्रम में पलने वाले हिरण को भी लाए हैं।

कुरुक्षेत्र से आए एक बाबा अपने साथ अपने आश्रम में पलने वाले हिरण को भी लाए हैं।

पायलट बाबा के आश्रम में तैयारियां करतीं बाबा की विदेशी शिष्याएें।

पायलट बाबा के आश्रम में तैयारियां करतीं बाबा की विदेशी शिष्याएें।

भक्तों को आशीर्वाद देते एक नागा बाबा।

भक्तों को आशीर्वाद देते एक नागा बाबा।

9 Mar. 2016-Partial solar eclipse seen in Bhopal.

9 Mar. 2016-Partial solar eclipse seen in Bhopal.

6 mar. 2016- Acid attack victim girls from different parts of India participated in a fashion show in Bhopal.

6 mar. 2016- Acid attack victim girls from different parts of India participated in a fashion show in Bhopal.

6 mar. 2016- Acid attack victim girls from different parts of India participated in a fashion show in Bhopal.

6 mar. 2016- Acid attack victim girls from different parts of India participated in a fashion show in Bhopal.

5 Mar.2016-sky lightening in bhopal

5 Mar.2016-sky lightening in bhopal

18 Feb 2016-Prime Minister of India Narendra Modi came to Sherpur near Bhopal to address Farmers in Kisan Mahasammelan.

18 Feb 2016-Prime Minister of India Narendra Modi came to Sherpur near Bhopal to address Farmers in Kisan Mahasammelan.

18 Feb 2016-Prime Minister of India Narendra Modi came to Sherpur near Bhopal to address Farmers in Kisan Mahasammelan.

18 Feb 2016-Prime Minister of India Narendra Modi came to Sherpur near Bhopal to address Farmers in Kisan Mahasammelan.

18 Feb 2016-Prime Minister of India Narendra Modi came to Sherpur near Bhopal to address Farmers in Kisan Mahasammelan.

18 Feb 2016-Prime Minister of India Narendra Modi came to Sherpur near Bhopal to address Farmers in Kisan Mahasammelan.

21 Jan 2016- deep morning fog in Bhopal.

21 Jan 2016- deep morning fog in Bhopal.

5 Jan.2016- Central minister Sushma Swaraj gave her blessings to CM Shivraj Singh Chouhan & Nand kumar Chouhan as Nandu Bhaiya reelected as state BJP president in Bhopal.

5 Jan.2016- Central minister Sushma Swaraj gave her blessings to CM Shivraj Singh Chouhan & Nand kumar Chouhan as Nandu Bhaiya reelected as state BJP president in Bhopal.

1 Nov. 2015--Celebration of Madhya Pradesh 60th foundation day at Lal Parade ground Bhopal. CM Shivrajraj singh Chouhan inaugurate the function by lighting the lamp. Around 350 artist presented a mega dance drama- ATH HINDI KATHA.

1 Nov. 2015–Celebration of Madhya Pradesh 60th foundation day at Lal Parade ground Bhopal.
CM Shivrajraj singh Chouhan inaugurate the function by lighting the lamp. Around 350 artist presented a mega dance drama- ATH HINDI KATHA.

1 Nov. 2015--Celebration of Madhya Pradesh 60th foundation day at Lal Parade ground Bhopal. CM Shivrajraj singh Chouhan inaugurate the function by lighting the lamp. Around 350 artist presented a mega dance drama- ATH HINDI KATHA.

1 Nov. 2015–Celebration of Madhya Pradesh 60th foundation day at Lal Parade ground Bhopal.
CM Shivrajraj singh Chouhan inaugurate the function by lighting the lamp.Around 350 artist presented a mega dance drama- ATH HINDI KATHA.

1 Nov. 2015--Celebration of Madhya Pradesh 60th foundation day at Lal Parade ground Bhopal. CM Shivrajraj singh Chouhan inaugurate the function by lighting the lamp. Around 350 artist presented a mega dance drama- ATH HINDI KATHA.

1 Nov. 2015–Celebration of Madhya Pradesh 60th foundation day at Lal Parade ground Bhopal.
CM Shivrajraj singh Chouhan inaugurate the function by lighting the lamp.Around 350 artist presented a mega dance drama- ATH HINDI KATHA.

1 Nov. 2015--Celebration of Madhya Pradesh 60th foundation day at Lal Parade ground Bhopal. CM Shivrajraj singh Chouhan inaugurate the function by lighting the lamp. Around 350 artist presented a mega dance drama- ATH HINDI KATHA.

1 Nov. 2015–Celebration of Madhya Pradesh 60th foundation day at Lal Parade ground Bhopal.
CM Shivrajraj singh Chouhan inaugurate the function by lighting the lamp.Around 350 artist presented a mega dance drama- ATH HINDI KATHA.

1 Nov. 2015--Celebration of Madhya Pradesh 60th foundation day at Lal Parade ground Bhopal. CM Shivrajraj singh Chouhan inaugurate the function by lighting the lamp. Around 350 artist presented a mega dance drama- ATH HINDI KATHA.

1 Nov. 2015–Celebration of Madhya Pradesh 60th foundation day at Lal Parade ground Bhopal. CM Shivrajraj singh Chouhan inaugurate the function by lighting the lamp. Around 350 artist presented a mega dance drama- ATH HINDI KATHA.

1 Nov. 2015--Celebration of Madhya Pradesh 60th foundation day at Lal Parade ground Bhopal. CM Shivrajraj singh Chouhan inaugurate the function by lighting the lamp. Around 350 artist presented a mega dance drama- ATH HINDI KATHA.

1 Nov. 2015–Celebration of Madhya Pradesh 60th foundation day at Lal Parade ground Bhopal. CM Shivrajraj singh Chouhan inaugurate the function by lighting the lamp. Around 350 artist presented a mega dance drama- ATH HINDI KATHA

Tiger try to hide on the roof. [Photo story]-A tiger was spotted in the premises of Central Institute of Agriculture Engineering in Bhopal, India on October 29,2015

Tiger try to hide on the roof.
[Photo story]-A tiger was spotted in the premises of Central Institute of Agriculture Engineering in Bhopal, India on October 29,2015

Forest officials aim to tranquilize with the help of Crane. Photo story-A tiger was spotted in the premises of Central Institute of Agriculture Engineering in Bhopal, India on October 29,2015

Forest officials aim to tranquilize with the help of Crane.
Photo story-A tiger was spotted in the premises of Central Institute of Agriculture Engineering in Bhopal, India on October 29,2015

Tiger ran away & dropped in a room by breaking the sheet of roof Photo story-A tiger was spotted in the premises of Central Institute of Agriculture Engineering in Bhopal, India on October 29,2015

Tiger ran away & dropped in a room by breaking the sheet of roof
Photo story-A tiger was spotted in the premises of Central Institute of Agriculture Engineering in Bhopal, India on October 29,2015

Forest officials tranquilize him again. Photo story-A tiger was spotted in the premises of Central Institute of Agriculture Engineering in Bhopal, India on October 29,2015

Forest officials tranquilize him again.
Photo story-A tiger was spotted in the premises of Central Institute of Agriculture Engineering in Bhopal, India on October 29,2015

officials cover the roof hole by net. Photo story-A tiger was spotted in the premises of Central Institute of Agriculture Engineering in Bhopal, India on October 29,2015

officials cover the roof hole by net.
Photo story-A tiger was spotted in the premises of Central Institute of Agriculture Engineering in Bhopal, India on October 29,2015

Official locked him in the cage. Photo story-A tiger was spotted in the premises of Central Institute of Agriculture Engineering in Bhopal, India on October 29,2015

Official locked him in the cage.
Photo story-A tiger was spotted in the premises of Central Institute of Agriculture Engineering in Bhopal, India on October 29,2015

Official locked him in the cage & take to the Panna tiger reserve. Photo story-A tiger was spotted in the premises of Central Institute of Agriculture Engineering in Bhopal, India on October 29,2015

Official locked him in the cage & take to the Panna tiger reserve.
Photo story-A tiger was spotted in the premises of Central Institute of Agriculture Engineering in Bhopal, India on October 29,2015

17 Oct.2015-Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan and Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav during Niti Aayog sub-committee meeting in Bhopal, India

17 Oct.2015-Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan and Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav during Niti Aayog sub-committee meeting in Bhopal, India

17 Oct.2015-Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan and Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav during Niti Aayog sub-committee meeting in Bhopal, India

17 Oct.2015-Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan and Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav during Niti Aayog sub-committee meeting in Bhopal, India

17 Oct.2015-Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan and Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav during Niti Aayog sub-committee meeting in Bhopal, India

17 Oct.2015-Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan and Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav during Niti Aayog sub-committee meeting in Bhopal, India

12 sep 2015- Home minister Rajnath Singh & CM Shivraj Singh Chouhan participate in ending ceremony of Vishva Hindi Sammelan in Bhopal. they felicitate peoples who work for Hindi worldwide.

12 sep 2015- Home minister Rajnath Singh & CM Shivraj Singh Chouhan participate in ending ceremony of Vishva Hindi Sammelan in Bhopal. they felicitate peoples who work for Hindi worldwide.

 10 sep 2015- Prime Minister Narendra Modi inaugurates the 10th Vishwa Hindi Sammelan today. The World Hindi Conference is an initiative for the universalisation of the Hindi language. The 3-day event is organised by the Ministry of External Affairs in cooperation with the Madhya Pradesh government in Bhopal, Madhya Pradesh.

10 sep 2015- Prime Minister Narendra Modi inaugurates the 10th Vishwa Hindi Sammelan today. The World Hindi Conference is an initiative for the universalisation of the Hindi language. The 3-day event is organised by the Ministry of External Affairs in cooperation with the Madhya Pradesh government in Bhopal, Madhya Pradesh. Minister of foreign affairs Sushma Swaraj & Chief Minister of Madhya Pradesh also present on the occasion.

 10 sep 2015- Prime Minister Narendra Modi inaugurates the 10th Vishwa Hindi Sammelan today. The World Hindi Conference is an initiative for the universalisation of the Hindi language. The 3-day event is organised by the Ministry of External Affairs in cooperation with the Madhya Pradesh government in Bhopal, Madhya Pradesh.

10 sep 2015- Prime Minister Narendra Modi inaugurates the 10th Vishwa Hindi Sammelan today. The World Hindi Conference is an initiative for the universalisation of the Hindi language. The 3-day event is organised by the Ministry of External Affairs in cooperation with the Madhya Pradesh government in Bhopal, Madhya Pradesh.

 10 sep 2015- Prime Minister Narendra Modi inaugurates the 10th Vishwa Hindi Sammelan today. The World Hindi Conference is an initiative for the universalisation of the Hindi language. The 3-day event is organised by the Ministry of External Affairs in cooperation with the Madhya Pradesh government in Bhopal, Madhya Pradesh.

10 sep 2015- Prime Minister Narendra Modi inaugurates the 10th Vishwa Hindi Sammelan today. The World Hindi Conference is an initiative for the universalisation of the Hindi language. The 3-day event is organised by the Ministry of External Affairs in cooperation with the Madhya Pradesh government in Bhopal, Madhya Pradesh.

15 Sep. 2015--Member of parliament Jyotiraditya Sindhiya address students in Bhopal.

15 Sep. 2015–Member of parliament Jyotiraditya Sindhiya address students in Bhopal.

22 Aug 2015--Hindu devotees offers a Big shawl to river holy river Narmada in Hoshangabad , Madhya Pradesh.

22 Aug 2015–Hindu devotees offers a Big shawl to river holy river Narmada in Hoshangabad , Madhya Pradesh.

5 Aug. 2015---At least 31 people died and 25 were injured when two trains The Kamayani Express and The Janata Express derailed within minutes of each other while crossing a culvert near the Machak river close to Harda, about 160 kilometres from Bhopal.

5 Aug. 2015—At least 31 people died and 25 were injured when two trains The Kamayani Express and The Janata Express derailed within minutes of each other while crossing a culvert near the Machak river close to Harda, about 160 kilometres from Bhopal.

5 Aug. 2015---At least 31 people died and 25 were injured when two trains The Kamayani Express and The Janata Express derailed within minutes of each other while crossing a culvert near the Machak river close to Harda, about 160 kilometres from Bhopal.

5 Aug. 2015—At least 31 people died and 25 were injured when two trains The Kamayani Express and The Janata Express derailed within minutes of each other while crossing a culvert near the Machak river close to Harda, about 160 kilometres from Bhopal.

23 july 2015--Congress protest against Vyapam Scam in Bhopal.

23 july 2015–Congress protest against Vyapam Scam in Bhopal.

23 july 2015--Congress protest against Vyapam Scam in Bhopal.

23 july 2015–Congress protest against Vyapam Scam in Bhopal.

23 july 2015--Congress protest against Vyapam Scam in Bhopal.

23 july 2015–Congress protest against Vyapam Scam in Bhopal.

16 july 2015--Congress called a statewide shutdown in Madhya pradesh. During Bhopal Band Senior congress leader Digvijaya Singh & state congress president Arun yadav ride a bike In Bhopal

16 july 2015–Congress called a statewide shutdown in Madhya pradesh. During Bhopal Band Senior congress leader Digvijaya Singh & state congress president Arun yadav ride a bike In Bhopal

14 july 2015--CM Shivraj Singh Chouhan organised an Iftar Party during Ramjan in CM house Bhopal.

14 july 2015–CM Shivraj Singh Chouhan organised an Iftar Party during Ramjan in CM house Bhopal.

13 July 2015-BJP national presidenti Amit Shah & MP CM Shivraj singh chouhan inaugurate Maha-Sampark Abhiyaan Meeting of Central Zone in Bhopal

13 July 2015-BJP national presidenti Amit Shah & MP CM Shivraj singh chouhan inaugurate Maha-Sampark Abhiyaan Meeting of Central Zone in Bhopal

13 July 2015-BJP national presidenti Amit Shah & MP CM Shivraj singh chouhan inaugurate Maha-Sampark Abhiyaan Meeting of Central Zone in Bhopal

13 July 2015-BJP national presidenti Amit Shah & MP CM Shivraj singh chouhan inaugurate Maha-Sampark Abhiyaan Meeting of Central Zone in Bhopal

11 July 2015--RSS chief Mohan Bhagvat released a book 'Paritapta Lankeshvari' written by Mridula Sinha, famous writer & governer of Goa state. Loksabha speaker Sumitra Mahajan & CM Shivraj Singh Chouhan participated in the ceremony.

11 July 2015–RSS chief Mohan Bhagvat released a book ‘Paritapta Lankeshvari’ written by Mridula Sinha, famous writer & governer of Goa state. Loksabha speaker Sumitra Mahajan & CM Shivraj Singh Chouhan participated in the ceremony.

4 July 2015--A huge welcome of Kailash vijayvargiya in Bhopal as he appointed the national general secretary of BJP. CM Shivraj singh chouhan, state BJP president Nand kumar Chouhan and other leaders were present on the occasion.

4 July 2015–A huge welcome of Kailash vijayvargiya in Bhopal as he appointed the national general secretary of BJP. CM Shivraj singh chouhan, state BJP president Nand kumar Chouhan and other leaders were present on the occasion.

26 May 2015-Chief Minister Shivraj Singh Chouhan attends marriage party of MLA Jayavardhan Singh, the only son of Former CM Digvijaya Singh

26 May 2015-Chief Minister Shivraj Singh Chouhan attends marriage party of MLA Jayavardhan Singh, the only son of Former CM Digvijaya Singh

26 May 2015-Chief Minister Shivraj Singh Chouhan attends marriage party of MLA Jayavardhan Singh, the only son of Former CM Digvijaya Singh

26 May 2015-Chief Minister Shivraj Singh Chouhan attends marriage party of MLA Jayavardhan Singh, the only son of Former CM Digvijaya Singh

Monsoon came to Bhopal with heavy rain on 22 June 2015

Monsoon came to Bhopal with heavy rain on 22 June 2015

Monsoon came to Bhopal with heavy rain on 22 June 2015

Monsoon came to Bhopal with heavy rain on 22 June 2015

Monsoon came to Bhopal with heavy rain on 22 June 2015

Monsoon came to Bhopal with heavy rain on 22 June 2015

Monsoon came to Bhopal with heavy rain on 22 June 2015

Monsoon came to Bhopal with heavy rain on 22 June 2015

The first International Yoga Day was celebrated in Bhopal, on 21st june2015 with Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan leading a large number of students and others in a yoga session at the Lal Parade Ground.

The first International Yoga Day was celebrated in Bhopal, on 21st june2015 with Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan leading a large number of students and others in a yoga session at the Lal Parade Ground.

The first International Yoga Day was celebrated in Bhopal, on 21st june2015 with Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan leading a large number of students and others in a yoga session at the Lal Parade Ground.

The first International Yoga Day was celebrated in Bhopal, on 21st june2015 with Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan leading a large number of students and others in a yoga session at the Lal Parade Ground.

The first International Yoga Day was celebrated in Bhopal, on 21st june2015 with Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan leading a large number of students and others in a yoga session at the Lal Parade Ground.

The first International Yoga Day was celebrated in Bhopal, on 21st june2015 with Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan leading a large number of students and others in a yoga session at the Lal Parade Ground.

Bats drop down & died due to heatwave in Bhopal on 19th May 2015. Temp reached to 45 degree in Bhopal on Tuesday.

Bats drop down & died due to heatwave in Bhopal on 19th May 2015.
Temp reached to 45 degree in Bhopal on Tuesday.

Bats drop down & died due to heatwave in Bhopal on 19th May 2015.Temp reached to 45 degree in Bhopal on Tuesday.

Bats drop down & died due to heatwave in Bhopal on 19th May 2015.Temp reached to 45 degree in Bhopal on Tuesday.

People observed a one-minute silence at 11am as a mark of tribute to Nepal earthquake victims, in Bhopal on Tuesday, 5 May 2015

People observed a one-minute silence at 11 am as a mark of tribute to Nepal earthquake victims, in Bhopal on Tuesday, 5 May 2015

Chief minister Shivraj Singh Chouhan offers floral tributes to Nepal earthquake victims at a programme, in Bhopal on Tuesday 05 May 2015

Chief minister Shivraj Singh Chouhan offers floral tributes to Nepal earthquake victims at a programme, in Bhopal on Tuesday 05 May 2015

AICC general secretary Digvijaya Singh on Wednesday claimed that that he was "extremely disappointed" with the inaction in the Vyapam scam. He said on the issue of Vidhan Sabha appointments scam -I would happily go to jail.

AICC general secretary Digvijaya Singh on Wednesday claimed that that he was “extremely disappointed” with the inaction in the Vyapam scam. He said on the issue of Vidhan Sabha appointments scam -I would happily go to jail.

AICC general secretary Digvijaya Singh on Wednesday claimed that that he was "extremely disappointed" with the inaction in the Vyapam scam. He said on the issue of Vidhan Sabha appointments scam -I would happily go to jail.

AICC general secretary Digvijaya Singh on Wednesday claimed that that he was “extremely disappointed” with the inaction in the Vyapam scam. He said on the issue of Vidhan Sabha appointments scam -I would happily go to jail.

Madhya Pradesh Tourism is celebrating 2015-16 as Madhya Pradesh Tourism Year. Chief Minister of Madhya Pradesh Shivraj Singh Chouhan inaugurate the ceremony at Sair-Sapata, Bhopal on 14th April 2015. Fireworks lit up the sky during the ceremony.

Madhya Pradesh Tourism is celebrating 2015-16 as Madhya Pradesh Tourism Year. Chief Minister of Madhya Pradesh Shivraj Singh Chouhan inaugurate the ceremony at Sair-Sapata, Bhopal on 14th April 2015. Fireworks lit up the sky during the ceremony.

Madhya Pradesh Tourism is celebrating 2015-16 as Madhya Pradesh Tourism Year. Chief Minister of Madhya Pradesh Shivraj Singh Chouhan inaugurate the ceremony at Sair-Sapata, Bhopal on 14th April 2015. Fireworks lit up the sky during the ceremony.

Madhya Pradesh Tourism is celebrating 2015-16 as Madhya Pradesh Tourism Year. Chief Minister of Madhya Pradesh Shivraj Singh Chouhan inaugurate the ceremony at Sair-Sapata, Bhopal on 14th April 2015. Fireworks lit up the sky during the ceremony.

Madhya Pradesh Tourism is celebrating 2015-16 as Madhya Pradesh Tourism Year. Chief Minister of Madhya Pradesh Shivraj Singh Chouhan inaugurate the ceremony at Sair-Sapata, Bhopal on 14th April 2015. Fireworks lit up the sky during the ceremony.

Madhya Pradesh Tourism is celebrating 2015-16 as Madhya Pradesh Tourism Year. Chief Minister of Madhya Pradesh Shivraj Singh Chouhan inaugurate the ceremony at Sair-Sapata, Bhopal on 14th April 2015. Fireworks lit up the sky during the ceremony.

Madhya Pradesh Tourism is celebrating 2015-16 as Madhya Pradesh Tourism Year. Chief Minister of Madhya Pradesh Shivraj Singh Chouhan inaugurate the ceremony at Sair-Sapata, Bhopal on 14th April 2015. Fireworks lit up the sky during the ceremony.

Madhya Pradesh Tourism is celebrating 2015-16 as Madhya Pradesh Tourism Year. Chief Minister of Madhya Pradesh Shivraj Singh Chouhan inaugurate the ceremony at Sair-Sapata, Bhopal on 14th April 2015. Fireworks lit up the sky during the ceremony.

Madhya Pradesh Tourism is celebrating 2015-16 as Madhya Pradesh Tourism Year. Chief Minister of Madhya Pradesh Shivraj Singh Chouhan inaugurate the ceremony at Sair-Sapata, Bhopal on 14th April 2015. Fireworks lit up the sky during the ceremony.

Madhya Pradesh Tourism is celebrating 2015-16 as Madhya Pradesh Tourism Year. Chief Minister of Madhya Pradesh Shivraj Singh Chouhan inaugurate the ceremony at Sair-Sapata, Bhopal on 14th April 2015. Fireworks lit up the sky during the ceremony.

Madhya Pradesh Tourism is celebrating 2015-16 as Madhya Pradesh Tourism Year. Chief Minister of Madhya Pradesh Shivraj Singh Chouhan inaugurate the ceremony at Sair-Sapata, Bhopal on 14th April 2015. Fireworks lit up the sky during the ceremony.

Madhya Pradesh Tourism is celebrating 2015-16 as Madhya Pradesh Tourism Year. Chief Minister of Madhya Pradesh Shivraj Singh Chouhan inaugurate the ceremony at Sair-Sapata, Bhopal on 14th April 2015. Fireworks lit up the sky during the ceremony.

Kolar Summer fest began with attractive Fireworks in Shayama Prasad Mukharji nagar, Bhopal

Kolar Summer fest began with attractive Fireworks in Shayama Prasad Mukharji nagar, Bhopal on 11 April 2015

Kolar Summer fest began with attractive Fireworks in Shayama Prasad Mukharji nagar, Bhopal

Kolar Summer fest began with attractive Fireworks in Shayama Prasad Mukharji nagar, Bhopal on 11April 2015

Kolar Summer fest began with attractive Fireworks in Shayama Prasad Mukharji nagar, Bhopal

Kolar Summer fest began with attractive Fireworks in Shayama Prasad Mukharji nagar, Bhopal on 11 April  2015

Kolar Summer fest began with attractive Fireworks in Shayama Prasad Mukharji nagar, Bhopal on 11 April 2015

Kolar Summer fest began with attractive Fireworks in Shayama Prasad Mukharji nagar, Bhopal on 11 April 2015

Stormy Saturday night, streets filled with dust on 11 Apr 2015

Stormy Saturday night, streets filled with dust on 11 Apr 2015

प्रदेश भाजपा कार्यालय में गुरुवार 09 अप्रेल 2015 को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक का शुभारंभ केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा किया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान, अन्य वरिष्ठ नेतागण तथा प्रदेश के सभी पदाधिकारी मौजूद थे।

प्रदेश भाजपा कार्यालय में गुरुवार 09 अप्रेल 2015 को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक का शुभारंभ केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा किया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान, अन्य वरिष्ठ नेतागण तथा प्रदेश के सभी पदाधिकारी मौजूद थे।

प्रदेश भाजपा कार्यालय में गुरुवार 09 अप्रेल 2015 को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक का शुभारंभ केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा किया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान, अन्य वरिष्ठ नेतागण तथा प्रदेश के सभी पदाधिकारी मौजूद थे।

प्रदेश भाजपा कार्यालय में गुरुवार 09 अप्रेल 2015 को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक का शुभारंभ केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा किया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान, अन्य वरिष्ठ नेतागण तथा प्रदेश के सभी पदाधिकारी मौजूद थे।

प्रदेश भाजपा कार्यालय में गुरुवार 09 अप्रेल 2015 को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक का शुभारंभ केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा किया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान, अन्य वरिष्ठ नेतागण तथा प्रदेश के सभी पदाधिकारी मौजूद थे।

प्रदेश भाजपा कार्यालय में गुरुवार 09 अप्रेल 2015 को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक का शुभारंभ केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा किया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान, अन्य वरिष्ठ नेतागण तथा प्रदेश के सभी पदाधिकारी मौजूद थे।

प्रदेश भाजपा कार्यालय में गुरुवार 09 अप्रेल 2015 को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक का शुभारंभ केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा किया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान, अन्य वरिष्ठ नेतागण तथा प्रदेश के सभी पदाधिकारी मौजूद थे।

प्रदेश भाजपा कार्यालय में गुरुवार 09 अप्रेल 2015 को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक का शुभारंभ केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा किया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान, अन्य वरिष्ठ नेतागण तथा प्रदेश के सभी पदाधिकारी मौजूद थे।

प्रदेश भाजपा कार्यालय में गुरुवार 09 अप्रेल 2015 को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक का शुभारंभ केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा किया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान, अन्य वरिष्ठ नेतागण तथा प्रदेश के सभी पदाधिकारी मौजूद थे।

प्रदेश भाजपा कार्यालय में गुरुवार 09 अप्रेल 2015 को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक का शुभारंभ केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा किया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान, अन्य वरिष्ठ नेतागण तथा प्रदेश के सभी पदाधिकारी मौजूद थे।

Moon eclipse seen in Bhopal on Saturday 04 April 2015

Moon eclipse seen in Bhopal on Saturday 04 April 2015

31मार्च 2015-भाजपा मप्र द्वारा एक करोड़ सदस्यता लक्ष्य पूरा करने पर खुशियां मनाई गईं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा अन्य मंत्रियों ने इसके लिये प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार चौहान को बधाई दी। मुख्यमंत्री तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों और मंत्रियों द्वारा इस अवसर पर अपनी सदस्यता का नवीकरण भी करवाया गया।

31मार्च 2015-भाजपा मप्र द्वारा एक करोड़ सदस्यता लक्ष्य पूरा करने पर खुशियां मनाई गईं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा अन्य मंत्रियों ने इसके लिये प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार चौहान को बधाई दी।
मुख्यमंत्री तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों और मंत्रियों द्वारा इस अवसर पर अपनी सदस्यता का नवीकरण भी करवाया गया।

31मार्च 2015-भाजपा मप्र द्वारा एक करोड़ सदस्यता लक्ष्य पूरा करने पर खुशियां मनाई गईं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा अन्य मंत्रियों ने इसके लिये प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार चौहान को बधाई दी। मुख्यमंत्री तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों और मंत्रियों द्वारा इस अवसर पर अपनी सदस्यता का नवीकरण भी करवाया गया।

31मार्च 2015-भाजपा मप्र द्वारा एक करोड़ सदस्यता लक्ष्य पूरा करने पर खुशियां मनाई गईं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा अन्य मंत्रियों ने इसके लिये प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार चौहान को बधाई दी।
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31मार्च 2015--नगर निगम परिषद में 2745 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। यह पिछले बजट की तुलना में करीब 97 करोड़ रुपए घाटे का है। मंगलवार को ISBT के सभागार में हुई बैठक हंगामेदार रही। बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षदों ने पानी की समस्या और सफाई नहीं होने के कारण गंदगी को लेकर जमकर हंगामा किया। महापौर आलोक शर्मा ने अपना पहला बजट पेश किया।

31मार्च 2015–नगर निगम परिषद में 2745 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। यह पिछले बजट की तुलना में करीब 97 करोड़ रुपए घाटे का है। मंगलवार को ISBT के सभागार में हुई बैठक हंगामेदार रही। बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षदों ने पानी की समस्या और सफाई नहीं होने के कारण गंदगी को लेकर जमकर हंगामा किया। महापौर आलोक शर्मा ने अपना पहला बजट पेश किया।

31मार्च 2015--नगर निगम परिषद में 2745 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। यह पिछले बजट की तुलना में करीब 97 करोड़ रुपए घाटे का है। मंगलवार को ISBT के सभागार में हुई बैठक हंगामेदार रही। बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षदों ने पानी की समस्या और सफाई नहीं होने के कारण गंदगी को लेकर जमकर हंगामा किया। महापौर आलोक शर्मा ने अपना पहला बजट पेश किया।

31मार्च 2015–नगर निगम परिषद में 2745 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। यह पिछले बजट की तुलना में करीब 97 करोड़ रुपए घाटे का है। मंगलवार को ISBT के सभागार में हुई बैठक हंगामेदार रही। बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षदों ने पानी की समस्या और सफाई नहीं होने के कारण गंदगी को लेकर जमकर हंगामा किया। महापौर आलोक शर्मा ने अपना पहला बजट पेश किया।

31मार्च 2015--नगर निगम परिषद में 2745 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। यह पिछले बजट की तुलना में करीब 97 करोड़ रुपए घाटे का है। मंगलवार को ISBT के सभागार में हुई बैठक हंगामेदार रही। बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षदों ने पानी की समस्या और सफाई नहीं होने के कारण गंदगी को लेकर जमकर हंगामा किया। महापौर आलोक शर्मा ने अपना पहला बजट पेश किया।

31मार्च 2015–नगर निगम परिषद में 2745 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। यह पिछले बजट की तुलना में करीब 97 करोड़ रुपए घाटे का है। मंगलवार को ISBT के सभागार में हुई बैठक हंगामेदार रही।
बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षदों ने पानी की समस्या और सफाई नहीं होने के कारण गंदगी को लेकर जमकर हंगामा किया। महापौर आलोक शर्मा ने अपना पहला बजट पेश किया।

31 मार्च 2015--राजधानी में बादल छंटने के बाद गर्मी फिर बड़ गई है। दो-तीन हल्के बादल छाने के बाद सूरज के तेवर फिर से तीखे हो गए हैं। मंगलवार को सुबह से ही तेज धूप रही।

31 मार्च 2015–राजधानी में बादल छंटने के बाद गर्मी फिर बड़ गई है। दो-तीन हल्के बादल छाने के बाद सूरज के तेवर फिर से तीखे हो गए हैं। मंगलवार को सुबह से ही तेज धूप रही।

31 मार्च 2015- राजभवन के समीप स्थित मछलीघर का आज अंतिम दिन था। बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचे। 1 अप्रैल से मछली घर को बंद करने के आदेश दिया है। इसकी जमीन और भवन को पर्यटन विकास निगम को सौंप दी गई है। यहां पांच सितारा होटल बनाने की योजना है। 31मई 1977 को इसकी स्थापना की गई थी।

31 मार्च 2015- राजभवन के समीप स्थित मछलीघर का आज अंतिम दिन था। बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचे।
1 अप्रैल से मछली घर को बंद करने के आदेश दिया है। इसकी जमीन और भवन पर्यटन विकास निगम को सौंप दी गई है। यहां पांच सितारा होटल बनाने की योजना है। 31मई 1977 को इसकी स्थापना की गई थी।

31 मार्च 20154--होटल नूर उस सबाह में आईआईएफटी की फ्रेशर पार्टी का आयोजन किया गया।

31 मार्च 20154–होटल नूर उस सबाह में आईआईएफटी की फ्रेशर पार्टी का आयोजन किया गया।

 

3 thoughts on “Daily News Update

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