Tourist places, Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल

1-   पचमढ़ी (Pachmari, Hill station, Madhya Pradesh)

सतपुड़ा की रानी, पचमढ़ी

सतपुड़ा की रानी, पचमढ़ी

सतपुड़ा पर्वत श्रंखला के बीच बसा पचमड़ी मप्र का फेवरेट टूरिस्ट डेस्टिनेशन है। इसे सतपुड़ा की रानी भी कहा जाता है। मप्र के कई बड़े शहरों जैसे भोपाल,इंदौर, जबलपुर से  रेल और सड़क  मार्गों द्वारा यहां पहुंचा जा सकता है। पचमड़ी की भोपाल से दूरी लगभग 220 किमी, जबलपुर से 250 किमी और इंदौर से 410 किमी है। समीपस्थ रेल्वे स्टेशन पिपरिया है जो यहां से लगभग 50 किमी दूर है। प्रकृति की गोद में बसा पचमड़ी गर्मियों में भी काफी ठंडा रहता है।

रजत प्रपात– यह 350 फीट ऊंचा विशाल झरना है जो घोड़े घोड़े की पूंछ की तरह दिखाई देता है और सूर्य के प्रकाश में चांदी जैसा चमकता है। इसीलिये इसे रजत प्रपात कहते हैं।

रजत प्रपात

रजत प्रपात

अप्सरा विहार– एक छोटे से झरने से बना अप्सरा विहार यंगस्टर्स और बच्चों का फेवरेट है। यह एक स्वीमिंग पूल के समान है जहां किनारे से झरने तक धीरे धीरे गहराई बड़ती है। इसलिये यह सुरक्षित प्राकृतिक स्नान का स्थान है।

अप्सरा विहार

अप्सरा विहार

पांडव गुफाए– एसा कहा जाता है कि मानव निर्मित इन गुफाओं को पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान बनाया था। इतिहासकारों का कहना है कि ये गुफाए गुप्त काल में बौद्ध भिक्षुओं द्वारा बनाई गई थी। पहली मंजिल पर द्रोपदी कुटी है। सबसे ज्यादा उजाला इसी गुफा में होता है। दूसरे माले पर चार गुफाए हैं जिसमें भीम कोठरी सबसे अंधेरी है।

पांडव गुफाएें

पांडव गुफाएें

बी फाल या जमुना प्रपात– लगभग 35 मीटर उंचा ये झरना सबसे ज्यादा आकर्षित करता है।

दूरी से इसकी अावाज मधुमक्खियों की तरह सुनाई देती है।

बी फाल या जमुना प्रपात

बी फाल या जमुना प्रपात

जटाशंकर– ये प्राकृतिक गुफा है जिसमें प्राकृतिक रुप से बने शिवलिंग हैं। कहा जाता है कि शिव ने भस्मासुर से बचने के लिये यहां आश्रय लिया था। इसलिये ये स्थान पवित्र माना जाता है। इस गुफा में एक जलधारा है जिसे गुप्त गंगा कहा जाता है।

जटाशंकर

जटाशंकर

धूपगड़- यह सबसे उंची चोटी है। जिसकी उंचाई 1352 मी है। यहां से पचमड़ी के प्राकृतिक सौंदर्य को निहारा जा सकता है। यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा अदभुत होता है।

धूपगड़

धूपगड़

इसके अलावा हांडी खो, प्रियदर्शिनी, रीछगड़ आदि दर्शनीय स्थल हैं.

2- बांधवगड़ टाईगर रिजर्व(Bandhavgarh Tiger Reserve), मध्यप्रदेश
भारत के सुप्रसिद्ध टाईगर रिजर्व में से एक बांधवगड़ मप्र के उमरिया जिले मे है।
प्रकृति और जंगली जीवन के दर्शन करने के लिये यह बढ़िया जगह है। मुख्य रुप से यहां शानदार बाघ को उसके प्राकृतिक घर में उनमुक्त विचरण करते हुए देखा जा सकता है। बाघ के अलावा तेंदुआ, सियार, लकड़बग्धा, जंगली भैंसा, हिरण, नीलगाय, जंगली सुअर इत्यादि नजर आते हैं। इसके साथ ही यहां पक्षियों की लगभग 250 प्रजातियां मिलती हैं। यहां वानस्पतिक विविधता को भी देखा जा सकता है। विंध्य रेंज में बसे बांधवगड़ में केवड़े की खुशबू भी ली जा सकती है।
टाईगर सफारी के लिये यहां हाथी और जीप दोनों उपलब्ध हैॆं। हाथी की पीठ पर बैठकर अपने प्राकृतिक आवास में घूम रहे बाघ एवं अन्य वन्यजीवों का सुलभ दर्शन किया जा सकता है।
इसके लिये सुबह सूरज उगने से 10 बजे तक तथा शाम को 4 बजे से सूरज डूबने तक दो शिफ्टों में कभी भी जाया जा सकता है। गर्मी तेज होने के कारण दिन में अन्य स्थानों पर घूमा जा सकता है।

Tiger Safari

Tiger Safari

यहां कई अन्य दर्शनीय स्थल है।

बांधवगड़ फोर्ट
यह भारत के प्राचीनतम किलों में से एक हैं। जो लगभग 2000 साल पुराना माना गया है।
प्राचीन कथाओं और ग्रंथों में भी इस किले का उल्लेख है। पौराणिक कथाओं के अनुसार राम नें यह किला अपने भाई लक्ष्मण को भेंट किया था। इसीलिये यह बांधव अर्थात भाई का गड़ अथार्त घर कहलाता है।

fort gate

fort gate

बघेल म्यूजियम
यह रीवा महाराज की निजी धरोहरों का संग्रहालय है। इसमें महाराज द्वारा शिकार किये गए पहले सफेद शेर का भंरवा शरीर भी प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा उनके शिकार के उपकरण तथा कुछ युद्ध सामग्री भी प्रदर्शित है।

Baghel Museum

Baghel Museum

बड़ी गुफा
यह एक प्राचीन गुफा है। इसमें कुछ कमरे और खंबे हैं। माना जाता है कि इन्हें बौद्ध साधुओं ने बनाया था।

Badi Gupha

Badi Gupha

तला गांव- यहां आज भी ग्रामीण जीवन का भरपूर नजारा किया जा सकता है। इसके अलावा यहां स्टे के लिये रिसोर्ट और होटल्स हैं। इसके अलावा और भी कई देखने लायक स्थान हैं।
यहां पहुंचने के लिये ट्रेन और हवाई दोनो मार्ग हैं। समीपस्थ रेल्वे स्टेशन उमरिया है जो यहां से 35 किमी दूर है। यहां से समीपस्थ एअरपोर्ट जबलपुर है जो 190 किमी दूर है।
यहां मप्र टूरिज्म द्वारा संचालित कई होटल्स और रिसोर्ट हैं। इसके अलावा निजी होटल्स भी हैं।

 

2 thoughts on “Tourist places, Madhya Pradesh

  1. manoj singh gautam says:

    बहुत अच्छा है।किस समय जाना ज्यादा उचित है यह भी जानकारी देवे।कुछ होटल और लाज की जानकारी रेट आदि।

  2. A S Singh deo says:

    Good informative some more pictures of wildlife from bandhavgarh should be put and hotel details or a web site also travel tips by air by rail by road

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